Saturday, March 30, 2013

अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या


अवैध संबंधों के शक में कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या

Posted On March - 30 - 2013
घटनास्थल पर हत्याकांड की जांच करते पुलिस कर्मी।
यमुनानग। हरियाणा के यमुनानगर के गांव मानकपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की अवैध संबंधों के शक में कुल्हाडी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। हत्या आरोपी पति अभी फरार बताया गया है।
पुलिस व ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जगाधरी पांवटा साहिब हाईवे पर स्थित गांव मानकपुर निवासी कर्मचंद अकसर शराब पीकर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। कर्मचंद को शक था कि उसकी पत्नी निर्मला चरित्रहीन है और उसके किसी व्यक्ति के साथ अवैध संबंध हैं। जब दोनों के बीच आपस में इस शक को लेकर झगड़ा काफी बढऩे लगा तो वह अपने मायके में जाकर रहने लगी। लेकिन कर्मचंद के दिमाग में अपनी पत्नी के प्रति नफरत बढ़ गई। इस बीच उसकी पत्नी यह सोचकर अपने मायके सेे वापस आ गई कि अब कर्मचंद में कुछ सुधार आ गया होगा। लेकिन शुक्रवार सुबह जब निर्मला घर से बाहर खेतों में शौच के लिए गई तो कर्मचंद भी कुल्हाड़ी लेकर उसके पीछे चला गया। सुनसान जगह देखकर कर्मचंद ने कुल्हाड़ी से उस पर इतने वार किए कि उसकी तुरंत मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी दुष्चरित्र नहीं थी। जब वह हत्या कर रहा था तो उसने उसे देख लिया और मौके से तुरंत फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही यमुनानगर से आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे व घटनास्थल की जांच की।
डीएसपी अशोक सभरवाल का कहना है कि कर्मचंद ने अपनी पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से सात वार किए हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर कुल्हाड़ी मिल गई है। वह उसे वहीं फेंक कर चला गया था। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हत्या के कारणों का खुलासा कर्मचंद की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा। उसे गिर तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत

सड़क हादसों में महिला सहित तीन की मौत

Posted On March - 30 - 2013
यमुनानगर, 29 मार्र्च (हप्र)। अलग-अलग हादसों में एक महिला सहित तीन की मौत हो गई। जानकारी अनुसार खिजराबाद निवासी कुंती देवी अपने पति के साथ बाइक से सवार होकर यमुनानगर दवाई लेने के लिए आई हुई थी। जैसे ही वह बीएसएनएल एक्सचेंज के नजदीक पहुंचे, तो पास से गुजर रहे नगर कीर्तन के एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे पत्नी ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गई व पति दूसरी ओर गिर गया। पति तो बाल-बाल बच गया, लेकिन महिला की टायर के नीचे आने से मौत हो गई। राहगीरों की मदद से ट्रक चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। देखते ही देखते रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।
वहीं, अंबाला-जगाधरी हाईवे मार्ग पर स्थित चावला पेट्रोल पंप के सामने सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई।  जानकारी अनुसार सुध निवासी रघुबीर वीरवार को किसी काम से गया था। शाम के समय वापस घर लौट रहा था। रास्ते में अंबाला मार्ग पर चावला पेट्रोल पंप के नजदीक अज्ञात बाइक चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह नीचे गिर गया। हादसे में रघुबीर की मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया। जेब से मिले दस्तावेजों पर पुलिस ने शिनाख्त की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में भेज दिया। जहां से पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
उधर, गांव रामपुर कंबोयान में वन विभाग की नर्सरी के सामने देर रात सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्राली से बाइक टकरा गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सीएचसी बिलासपुर ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी अनुसार रामपुर जट्टान निवासी ऋषिपाल आदर्श विद्या मंदिर रामपुर जट्टान में अध्यापक था। बृहस्पतिवार रात वह अपनी बाइक पर बाजार से घर की तरफ जा रहा था। इस दौरान जब वह रामपुर कंबोयान के निकट वन विभाग की नर्सरी के सामने पहुंचा, तो उसकी बाइक ट्राली के पीछे टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने उसे सीएचसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, चालक ट्रैक्टर ट्राली मौके पर छोड़ कर फरार हो गया।

Friday, March 22, 2013

मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा


मुन्ना भाई को सजा के बाद मंडौली में नहीं जला चूल्हा

Posted On March - 21 - 2013
सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर के गांव मंडौली में संजय दत्त को सुप्रीमकोर्ट द्वारा सजा सुनाए के बाद मायूस बैठे चाचा-चाची। -हप्र
यमुनानगर, 21 मार्च। मुंबई ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय दत्त उर्फ मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा सुनाए जाने पर उनके पैतृक गांव मंडौली में दिन भर चूल्हा नहीं जला। फैसला सुनाए जाने से पहले ग्रामीणों ने मंदिरों और मस्जिद में जाकर उनकी रिहाई की दुआएं मांगी। लेकिन ग्रामीणों की दुआएं भी काम नहीं आई और उन्हें सजा हो गई। जिसके बाद मंडौली गमजदा हो गया। संजय दत्त के चाचा-चाची का कहना है कि यह सजा संजय दत्त को नहीं बल्कि पूरे दत्त परिवार को मिली है, जिससे उभर पाना बहुत मुश्किल है।
बृहस्पतिवार सुबह होते ही मंडौली के ग्रामीण अपने प्रिय अभिनेता एवं नेता स्वर्गीय सुनील दत्त उर्फ बल्लु फौजी के लाडले बेटे की अदालत से रिहाई के लिए मंदिरों व मस्जिदों में जाकर दुआ मांगने लगे थे। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि उनकी दुआ रंग  लाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोपहर होते ही अदालत से जैसे ही मुन्ना भाई को पांच वर्ष की सजा का आदेश हुआ तो मंडौली गांव में मातम छा गया। लोगों के घरों के चूल्हों में सुलग रही आग शांत हो गई और ग्रामीणों के चेहरों पर मायूसी छा गई। ग्रामीण तुरंत मुन्ना भाई के मंडौली में रह रहे चाचा सोमदत्त के घर की और सांत्वना देने दौड़े। सांत्वना देने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
शूगर की मरीज एवं पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे चाचा सोमदत्त की जुबान मन की पीड़ा बयान करने के लिए भी उनका साथ नहीं दे रही थी और चाची का तो कहना था कि यह दत्त परिवार के लिए सबसे दुख की घड़ी है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले चाचा सोमदत्त गांव के ही मंदिर में थे और चाची घर में ही बने मंदिर में हाथ जोड़कर भगवान से संजय दत्त के लिए राहत की प्रार्थना कर रही थी। लेकिन जैसे ही टीवी पर फैसला आया दोनों निराशा के अंधकार में डूब गये।
संजय दत्त के चाचा सोमदत्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि वह न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त द्वारा देश के हित में किए गए कार्यों को देखते हुए मुन्ना भाई को सजा में छूट मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बुजुर्गों के लाडले और युवाओं के सबल एवं बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पिता बलराज उर्फ बल्लु फौजी (सुनील दत्त) का परिवार देश के बंटवारे के बाद मंडौली में आकर बसा था। इस गांव में सरकार ने सुनील दत्त के परिवार को 14 एकड़ भूमि आवंटित की थी। मंडौली में बस जाने के बाद सुनील दत्त ने सेना की नौकरी छोड़ दी और आकाशवाणी सिलोन में बतौर उद्घोषक की नौकरी कर ली। लेकिन कुछ दिन के बाद ग्लैमर की दुनिया उन्हें मुंबई खींच ले गई। वर्ष 1955 में संजय दत्त के पिता स्व. सुनील दत्त को पहली बार रेलवे प्लेटफार्म नामक फिल्म में काम मिला। इसके बाद बॉलीवुड में वह बेताज बादशाह बन गए। उन्होंने मुंबई जाने के बाद फिल्म अभिनेत्री नरगिस से शादी कर ली और संतान के रूप में संजय दत्त और प्रिया दत्त का जन्म हुआ। इसके बाद संजय दत्त के भी बॉलीवुड में छा जाने के बाद मंडौली गांव को देश भर में पहचान मिल गई। सुनील दत्त ने बालीवुड में पहचान बनाये जाने के बावजूद यमुनानगर को नहीं छोड़ा और वह बार-बार यहां आते रहते थे।

Thursday, March 21, 2013

सुरेंद्र मेहता/हमारे प्रतिनिधि
यमुनानगर, 20 मार्च। कहावत है सरकार के अगाड़ी और घोड़े के पिछाड़ी नहीं जाना चाहिए, लेकिन यही जुर्रत यमुनानगर निवासी एक आम आदमी सुरेश कुमार सैनी कर बैठा और अब यमुनानगर शहर में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डïा को पत्र लिखने के एवज में उसे लेने के देने पड़ रहे हैं। पुलिस ने पूरे परिवार को मुकदमों में फंसा दिया है। भादंसं की धारा 186, 294, 332 व 353 के तहत दर्ज मामले में चार नाबालिग बच्चे-बच्चियां भी शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब मानव अधिकार आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है। उधर, डीएसपी फूल कुमार का कहना है कि सुरेश सैनी अपने खिलाफ दर्ज मामले को रफा-दफा करवाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने के लिए ऐसी शिकायतें कर रहा है जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
सुरेश कुमार सैनी द्वारा मानव अधिकार आयोग को लिखी शिकायत में कहा है कि उसने 31 जनवरी, 2012 व 11 फरवरी 2012 में प्रदेश के सीएम को यमुनानगर जिला में बढ़ रहे अपराधों के संबंध में अखबारों की कटिंग लगाकर जानकारी भेजी थी। मुख्यमंत्री ने पुलिस से जवाब मांगा तो डीएसपी मुख्यालय ने जांच के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजनी थी। लेकिन इस शिकायत पर सुरेश कुमार सैनी से पुलिस प्रशासन बुरी तरह से खफा हो गया। सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। लगे हाथ उसे धमकी दी गयी कि सीएम को पुलिस की शिकायत उसे महंगी पड़ेगी। जिस इंस्पेक्टर की सुरेश कुमार सैनी ने आरटीआई में जानकारी मांगी थी, उसी को संबंधित थाने में लगा दिया और यहीं से उसने सुरेश कुमार सैनी की ‘क्लास लगानीÓ शुरू कर दी। आरोप है कि कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा कर जांच को रफा दफा करके दबा दिया गया। इसके बाद इस परिवार पर पुलिस का कहर टूटना शुरू हो गया। रात को 11 बजे पुलिस की दस गाडिय़ों में कथित तौर पर पुलिस उसके घर पहुंची और सुरेश कुमार सैनी को पुलिस थाने में लाकर उसकी डीएसपी और इंस्पेक्टर द्वारा जमकर पिटाई की गई। पुलिस थाने में उसका मुंह पानी में डुबोकर उसे बुरी तरह से टार्चर किया गया। कानों पर थप्पड़ मुक्के मारने से सुरेश कुमार सैनी को सुनना बंद हो गया। अब वह गरीबी के कारण उपचार नहीं करवा सकता। सुरेश कुमार सैनी का कहना है कि वह कांग्रेस पार्टी का कार्यकत्र्ता है। उसे नहीं मालूम था कि मुख्यमंत्री को कानून-व्यवस्था की सही जानकारी देने पर उसे इतनी बड़ी सजा मिलेगी।
सुरेश कुमार सैनी का आरोप है कि उसे व उसकी लड़कियों पर गांजा, चरस, अफीम व आम्र्स एक्ट के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां मिल रहीं हैं। इन धमकियों को देने में पुलिस का एक मुखबिर भी शामिल है जो अकसर पुलिस थाने में ही बैठा रहता है। अब मानव अधिकार आयोग ने 6 मार्च को हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी किए कि सुरेश कुमार परिवार पर दर्ज मामले की जांच किसी दूसरे जिले के अधिकारी से करवाई जाए। मानव अधिकार आयोग के आदेश के बाद बुधवार को डीएसपी कैथल ने यमुनानगर आकर मामले की जांच की है। सुरेश कुमार सैनी का परिवार इतना दहशत में है कि उसे अपने बयान दर्ज करवाने के लिए जब पुलिस थाने में बुलाया गया तो उसे कहा कि पुलिस की जगह छोड़कर किसी भी सार्वजनिक जगह पर बयान देने को तैयार हूं। इसके बाद डीएसपी कैथल ने उसके यहां जाकर ही बयान दर्ज किए हैं। मानव अधिकार आयोग ने 28 मार्च को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
उधर, डीएसपी फूल कुमार ने बताया कि सुरेश सैनी ने अमन चैन खराब होने व अपराध की घटनाओं में वृद्धि की शिकायत दी थी। जिस पर जब उसे बातचीत के लिए बुलाया गया तो उसने कहा कि मैंने तो समाचार पत्रों की कटिंग को देखकर यह शिकायत की है। इसके बाद इस शिकायत की जांच कर रिपोर्ट दे दी गई थी। बाद में सुरेश ने फोन कर शिकायत देकर पुलिस को बुलाया। पुलिस कर्मचारी जब उसके घर गये तो घर के लोग पुलिस कर्मियों पर टूट पड़े। उक्त लोगों ने न केवल पुलिस कर्मचारी की वर्दी फाड़ दी बल्कि मारपीट भी की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। यही मामला उक्त परिवार के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसकी सुरेश व उसके परिजनों ने अदालत से जमानत करवा ली थी। अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता अकसर शराब पीकर मोहल्ले में शांति भंग करता है और इसकी कई बार शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं।

Sunday, March 17, 2013

कभी भी हो सकते हैं लोकसभा के मध्यावधि चुनाव : रामबिलास


यमुनानगर के कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रामबिलास शर्मा। -हप्र
यमुनानगर, 16 मार्च (हप्र)। लोकसभा के मध्यावधि चुनाव कभी भी हो सकते हैं, जिसके लिए राज्य में भाजपा-हजकां गठबंधन पूरी तरह तैयार है। यह कहना है प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रामबिलास शर्मा का, जो कैनाल रेस्ट हाऊस यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा-हजकां का गठबंधन अटूट है और इसके टूटने संबंधी झूठी अफवाहें विपक्षी दलों द्वारा फैलाई जा रही हैं। विपक्षी दल गठबंधन की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। यूपीए सरकार को इटली इंडिया कंपनी की संज्ञा देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि देश में जो भी घोटाले हो रहे हैं सभी के संबंध इटली के साथ हैं। अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इटली के राजदूत को भारत छोडऩे पर रोक लगा दी है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ साथ इटली भी भारत का दुश्मन है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार-बार भारत का अपमान किया जा रहा है लेकिन यूपीए सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कभी पाकिस्तान सरकार द्वारा भारतीय शहीदों के सिर काट दिये जाते हैं और कभी सैनिकों की टुकड़ी पर हमला कर दिया जाता है। वर्तमान सरकार इसका मुंह तोड़ जवाब देने की बजाय पाकिस्तान प्रधानमंत्री का भोज कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रवाई शहीदों का अपमान है।
एक प्रश्र के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी में सभी वर्गों को पूरा सम्मान दिया गया है और महिलाओं को तो तीस प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी गठन के समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पार्टी को समर्पित कार्यकर्ताओं को जरूर स्थान दिया जाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को सत्ता में शामिल लोगों का संरक्षक शामिल है। यही कारण है कि अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री नहीं बल्कि रोहतक व झज्जर के ही मुख्यमंत्री हैं। यही कारण है कि राज्य के अन्य जिलों में विकास के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगाई गई है।
इस अवसर पर प्रदेश महासचिव एवं पूर्व विधायक कंवरपाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष उमा शर्मा, जिलाध्यक्ष श्याम सिंह राणा, रोजी मलिक, घनश्याम दास, राकेश त्यागी, रामेश्वर चौहान, अर्जुन पंडित, कर्णदेव कांबोज, मदन चौहान, राजेश सपरा, पवन बिट्टू, विनोद मरवाह, भूपिंद्र चौहान, संगीता सिंगल मुख्य रूप से उपस्थित थे।

Thursday, March 14, 2013

यमुना नदी जल का मुद्दा किशाऊ, रेणुका डैम बनाकर हो सकता है जलस्तर में सुधार

 

यमुना नदी जल का मुद्दा

यमुनानगर/ छछरौली,13 मार्च (हप्र/निस)। हरियाणा के यमुनानगर में यमुना नदी पर जलाशय बनाए जाने से नदी में बारहों महीने अच्छी मात्रा में पानी बह सकता है। यमुना जल पर आधारित प्रस्तावित बांधों किशाऊ तथा रेणुका डैम बनने से न केवल लगातार गिरते जल स्तर में सुधार आएगा, बल्कि सस्ती बिजली भी प्राप्त होगी। केंद्र की मंजूरी के बावजूद उपरोक्त बांध परियोजनाओं का निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। यमुना बचाओ आन्दोलनकारियों की मांग है कि हथनीकुंड बैराज से 10 हजार क्यूसिक पानी यमुना में छोड़ा जाए, जबकि पांच राज्यों में जल वितरण के उपरांत नदी में पानी शेष बचता ही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कामन पूल से न्यूनतम 160 क्यूसिक पानी नदी में छोड़ा जाता है। 1995 में पांच राज्यों हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व हरियाणा के बीच यमुना जल पर समझौता हो जाने के बाद एक बार फिर नदी जल का मुद्दा गर्मा गया है। एक ओर जहां बृजवासी यमुना नदी में रेगुलर पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं, वहीं पानी की कमी को लेकर नदी जल के साझेदार राज्य एक दूसरे पर कम पानी देने के आरोप लगाते रहे हैं। यमुना में लगातार पानी की उपलब्धता घट रही है। बरसों से लटकी पड़ी यमुना जल पर आधारित बिजली परियोजनाएं ठंडे बस्ते में चली जाने से पावर लास तो है ही, दूसरी तरफ यमुनानदी पर कोई डैम नहीं बनाए जाने के कारण नदी की धारा भी अब दम तोडऩे लगी है। मानसून सीजन को छोड़ शेष दिनों यमुना नदी का जल बहाव सिमट कर 5 हजार क्यूसिक से भी नीचे पहुंच जाता है। लगातार घटता जल बहाव चिंता का विषय बन गया है।
यमुना पर बने जलाशय पहाडिय़ों पर अच्छी बरसात से जल बहाव अचानक बढ़ जाता है। नदी पर कोई जलाशय नहीं होने के कारण बरसाती पानी बेकार चला जाता है। जलाशय बनने से काफी हद तक पानी को रोका जा सकेगा, जिससे नदी में निश्चित मात्रा में पानी बहेगा। रेगुलर पानी मिलने से सरपल्स पानी को नदी में छोड़ा जा सकेगा

Tuesday, March 12, 2013

हथनीकुंड बैराज पर तीन हिस्सों में बंटता है यमुना का जल


सुरेंद्र मेहता

यमुनानगर में यमुना नदी में पड़े डिस्पोजल, बोतलें और कचरा। -सुरेंद्र मेहता
यमुनानगर, 11 मार्र्च। यमुना शुद्धिकरण योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च किये जाने के बावजूद आज भी यमुना का दूषित करने का क्रम जारी है। यमुना को दूषित होने से बचाने के लिए जहां वृंदावन से दिल्ली तक अभियान चलाकर संतों ने आवाज उठाई है वहीं हरियाणा विधानसभा के कई विधायक भी यमुना को प्रदूषित करने के कारणों का पता लगाकर विधानसभा अध्यक्ष को अवगत भी करवा चुके हैं। इस सबके बावजूद आज भी एक दर्जन से ज्यादा ऐसे स्थान हैं, जहां से फैक्ट्रियों का जहरीला पानी एवं शहर का गंदा पानी सीधे यमुना में डाला जा रहा है।
कालिंदी पर्वतमालाओं से निकल कर प्रयाग तक के तेरह सौ सत्तर किमी लंबे सफर पर निकली यमुना नदी अब अपना जीवन बचाने के लिए संघर्षरत है, क्योंकि इसकी जलधारा को जहां हथनीकुंड बैराज ने संकुचित करके रख दिया है, वहीं इसके निर्मल जल को फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी ने दूषित कर दिया है। विकास के उन्माद में धरती के सबसे बुद्धिमान प्राणी मानव ने ही इसके प्रवाह पर ग्रहण लगा दिया है, जिससे यमुना किनारे बसे करोड़ों-करोड़ों जन मानस की आस्था पर कुठाराघात होने लगा है।
अंग्रेजी हकूमत ने पहाड़ी क्षेत्रों के जल पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 1873 में यमुना नदी पर ताजेवाला हैड बनाया गया था। इस दौरान बारिश के दिनों को छोड़कर वर्ष के शेष दिनों में यमुना की जलधारा अपने पूरे अस्तित्व के साथ प्रयाग तक बहती रहती थी। लेकिन समय बदला और वर्ष 1995 में ताजेवाला हैड की जर्जर हालत को देखते हुए इसे कंडम घोषित कर दिया गया। जिसके बाद हिमाचल, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा ने यमुना नदी के जल पर अपना-अपना हक जताना शुरू कर दिया। इन राज्यों की हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए वर्ष 1996 में यमुना जल के बंटवारे को लेकर हथनीकुंड बैराज का निर्माण करने पर समझौता हुआ। यही वजह है कि इस फैसले के होने के बाद के दिन से ही यमुना के अस्तित्व पर संकट मंडरा गया।
शहर का सीवरेज और कूड़ा सीधे पश्चिमी यमना नहर (डब्ल्यूजेसी) में बहाया जा रहा है, यहां तक कि मरे पशुओं को भी नदी व नहर किनारे डाला जा रहा है जिससे यह नदी में तैरते आम देखे जा सकते हैं। यही पानी फिल्टर करके दिल्ली में पीने के लिए प्रयुक्त हो रहा है। वर्ष 2012 जून-जुलाई में हरियाणा विधानसभा की पब्लिक एकाउंट्स कमेटी (पीएसी) की टीम ने यमुनानगर का दौरा कर डब्ल्यूजेसी में गंदगी और सीवरेज डालने के लिए अधिकारियों को लताड़ लगाई थी। इसके बाद कुछ समय के लिए कूड़ा यमुना किनारे से उठा दिया गया, लेकिन सीवरेज का पानी ज्यों का त्यों डाला जा रहा है। शहर की औद्योगिक इकाइयों का गंदा व जहरीला पानी यमुना नहर में जाने से रोकने के लिए अदालती आदेश के बाद 13.71 करोड़ की लागत से 23 किलोमीटर लंबी डिच ड्रेन बनाई गई थी। इसमें प्रमुख औद्योगिक इकाइयों पेपर मिल (बिल्ट), स्टार्च मिल, हरियाणा डिस्टिलरी व सरस्वती शूगर मिल सहित अन्य इकाइयों का पानी डाला जाना था, लेकिन वर्ष 2009 में बनते ही डिच ड्रेन टूट गई। इसके बाद यह औद्योगिक कचरा बेरोकटोक डब्ल्यूजेसी में जाने लगा।

Saturday, March 9, 2013

Davinder mehta-shri ram ji dash


Davinder mehta -shri ram ji dash


Davinder mehta-Ankit Arora




प्रदेश में खोले जायेंगे चार महिला थाने


प्रदेश में खोले जायेंगे चार महिला थाने



यमुनानगर के जिला सचिवालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते क्राइम अंगेस्ट वूमन के एडीजीपी के साल्वराज। छाया : सुरेंद्र मेहता
सुरेंद्र मेहता/
यमुनानगर, 8 मार्च। हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा के लिए जहां महिला हैल्पलाईन, महिला पीसीआर की व्यवस्था की गयी है, वहीं महिला कांस्टेबलों की भर्ती व चार महिला थाने खोलने की भी योजना है। यह कहना है वुमेन अगेंस्ट क्राइम के एडीजीपी के साल्वराज का। जो यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि राज्य में बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं बल्कि ऐसी घटनाओं को और कम करने को लेकर प्रयास जारी हैं। बलात्कार की घटनाओं को लेकर खासकर जहां सख्ती बरती जा रही है, वहीं गांव व कालोनियों में पुलिस कर्मचारी व अधिकारी आम जनमानस को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा महिला हैल्पलाईन की व्यवस्था की गयी है और महिला पीसीआर भी गश्त करती रहती है। महिला थानों की भी शुरुआत की गयी है और जल्द ही चार नये महिला थाने गुडग़ांव, पंचकूला, फरीदाबाद एवं बहादुरगढ़ में खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में महिला पुलिस साढ़े 6 प्रतिशत है जिसे दस प्रतिशत करने के प्रयास जारी हैं। महिला कांस्टेबलों की भर्ती को लेकर अनुमति मिल गयी है और जल्द ही यह भर्ती की जायेगी। उन्होंने बताया कि बलात्कार के मामलों की जांच ज्यादा से ज्यादा 30 दिन और हत्या के मामलों की जांच 15 दिन के बीच पूरी करने के निर्देश दिये गये हैं। ताकि जल्द से जल्द पीडि़त को न्याय मिल सके।
इससे पूर्व लघु सचिवालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक में पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के मामले में पुलिस अधिकारी ढील न बरतें, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। श्री साल्वराज ने बताया कि उन्होंने 15 अक्तूबर को कार्य संभाला है। महिलाओं के साथ बढ़ रहे अपराध को देखते हुए वुमेन अंगेस्ट क्राइम विभाग बनाया गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में वह प्रदेश के सभी जिलों में दौरा कर पुलिस फोर्स को जानकारी दे रहे हैं।