Monday, May 30, 2011

पोता वापिस दिलाने ·ी मांग

यमुनानगर। परिवार ·े सदस्य जीवित होने ·े बावजूद तला·शुदा बहु द्वारा बच्चे ·ो यतीम बता·र बाल·ुंज छछरौली में छोड़ देने ·े मामले में आज बच्चे ·ी दादी व परिवार ·े अन्य सदस्य उपायुक्त ·ो मिले और पोता वापिस दिलाने ·ी मांग ·ी। उपायुक्त ·ो दी शि·ायत में दादी प्रवेश ने बताया ·ि उस·ा पूरा परिवार अभी जीवित है ले·िन उस·ी तला·शुदा बहु ने अपने बेटे यानी उस·े पोते ·ो लावारिस हालत में बाल·ुंज छछरौली में दाखिल ·रवा दिया है। अब बाल·ुंज ·े अधि·ारी उसे उस·े पोते से मिलने भी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया ·ि आठ वर्ष पूर्व उन्होंने अपने बेटे विनोद ·ुमार ·ी शादी हिंदु रीति रिवाज ·े अनुसार ·ी थी और दोनों पति-पत्नी साथ रहते थे। लगभग 4 वर्ष ·े बाद ·िसी ·ारण से जब दोनों ·ी आपस में नहीं बनी तो दोनों ने ·ोर्ट में रजामंदी से तला· ले लिया। तला· ·े समय जिला न्यायालय ·े अनुसार इन·ा बच्चा जो ·ि माता ·े साथ रहता है, ·े लिए यह आदेश हुए ·ि यह बच्चा जब चाहे अपने पिता ·े परिवार में भी आ जा स·ता है। इस·े बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे और बच्चा लगातार पिता ·े परिवार में आने-जाने लगा। इतना ही नहीं इस बच्चे से परिजनों ·ा लगाव इतना अधि· था ·ि इस बच्चे ·ी पढ़ाई ·ा सारा खर्चा व यहां त· ·ि स्·ूल ·ी वर्दीयां व ·ापियां-·िताबें आदि भी पिता ·ी ओर से ही दी जाती थी। पिता ·ी ओर से बेटे पर जो भी ·ुछ खर्च ·िया जा रहा था इससे बेटे ·ी मां ·ो भी ·ोई आपत्ति नहीं थी। प्रवेश ने बताया ·ि ·रीब 2 सप्ताह पूर्व उन·ी बहु ने उन·े पोते ·ा उन·े घर में आना जाना बंद ·र दिया। इससे उन्हें श· हुआ और उन्होंने ·ुछ ही समय बाद बच्चे ·ी तलाश शुरू ·र दी क्यों·ि बच्चा उन्हें दिखाई नहीं दिया। उन्होंने ·ई गुरु·ुल में जा·र अपने पोते ·ी तलाश ·ी ले·िन उन्हें रविवार ·ो पता लगा ·ी उन·ा पोता बाल·ुंज छछरौली में है। रविवार ·ो जब वह बाल·ुंज छछरौली में गई तो वहां से उन्हें पता चला ·ि उन·ी बहु ने उन·े पोते ·ो यतीम दिखा·र भर्ती ·रवा दिया है। बाल ·ुंज में उन्हें बताया गया ·ि जिला उपायुक्त अशो· सांगवान ·ी अनुमति से बच्चे ·ो बाल ·ुंज में रखा गया है। प्रवेश ·ा ·हना है ·ि जब·ि बच्चे ·ा पिता, दादी, चाचा-चाची, बुआ व परिवार ·े सभी सदस्य उपस्थित हैं और बच्चे ·ो पालने में सक्षम हैं तो फिर बच्चा बाल ·ुंज मेंं क्यों पले। उन्होंने ·हा ·ि वह अपने पोते ·ो अपने साथ रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया ·ि जब वे अपनी बहु से बच्चे ·ो मांगते हैं तो वे उनसे झगड़ा ·रती हैं। अब उन्होंने बच्चे ·ो बाल ·ुंज में भेज दिया है और वे इसे बर्दास्त नहीं ·र स·ते इसलिए उन·ा बच्चा उन·ो दिलाया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने शि·ायत·र्ता ·ी गुहार सुन·र उसे जिला बाल ·ल्याण अधि·ारी मनीषा खन्ना ·े पास भेज दिया। जब ये लोग बाल ·ल्याण अधि·ारी ·े पास आए तो बाल ·ल्याण अधि·ारी मनीषा खन्ना ने दूसरे पक्ष ·ो भी बुला लिया ता·ि आमने-सामने बैठ·र बात ·ी जा स·े। मनीषा खन्ना ने बताया ·ि दूसरे पक्ष ने तो यहां आ·र हंगामा खड़ा ·र दिया और ·हने लगे ·ि वे ·िसी हालत में भी बेटे ·ो बाप व दादी ·े हवाले नहीं ·रेंगे। आर्थि· स्थिति ·मजोर होने ·े ·ारण उन्होंने बच्चे ·ो बाल ·ुंज में भर्ती ·रवाया है। इतना ही नहीं दोनों पक्षों में मारपीट ·ी भी नौबत आते-आते बची। अब दादी प्रवेश व परिवार ·े अन्य सदस्य जिला पुलिस अधीक्ष· ·े पास उन·े द्वारा ·िए गए दुव्र्यवहार ·ी शि·ायत ले·र जाने ·ी तैयारी में हैं।

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